Power of Gratitude कितने फायदे है Gratitude के

Power of Gratitude: नमस्ते दोस्तों life में हमें बहुत कुछ मिला है फिर चाहे वो परिवार से हो, या पृकृति से हो , या ईश्वर से , लेकिन फिर भी हमारा ध्यान सिर्फ उन चीज़ों पर होता है जो हमारे पास नही है हम उन चीज़ों के लिए हमेशा शिकायत करते रहते हैं जो हमारे पास हैं उन चीज़ों पर हमारा ध्यान ही नही जाता

दोस्तों अपने पुरे जीवन में हम हमेशा ब्रम्हांड से लेते ही रहते हैं और फिर भी हमेशा हमारे मन में सिर्फ शिकायतें ही रहती हैं इसके उलट हमें ईश्वर का शुक्रगुज़ार होना चाहिए हर उस चीज़ के लिए जो उसने हमें दिया है

धन्यवाद सिर्फ भगवान का या किसी इंसान का ही नही करना बल्कि हर उस वस्तु का करना है जिसका आपके होने में कुछ भी योगदान है

Gratitude क्या है

Gratitude को हिंदी में कृतज्ञता भी कहते हैं दूसरों के लिए Thankful होना ही Gratitude है ये वो powerful tool है जो आपकी personality को बेहद सुन्दर बना देता है

भगवान राम जब सीता जी को लाने के लिए सेतु बनवा रहे थे तो सभी वानर राम नाम लिख कर पानी में डाल रहे थे उनके साथ एक छोटी गिलहरी भी वानरसेना के साथ इसी उपक्रम में लगी हुई थी जब वानरों ने उसे देखा तो वे उसका मज़ाक उड़ाने लगे

परन्तु जब श्री राम ने उस गिलहरी को देखा तो वे उसके पास गए और वहां जा कर रामजी ने उस गिलहरी का धन्यवाद किया

Gratitude क्यों ज़रूरी है (Power of Gratitude)

दोस्तों Power of Gratitude के द्वारा हम दूसरों का धन्यवाद करते हैं और जब भी हम किसी को thanks कहते हैं तो सामने वाले व्यक्ति को ख़ुशी मिलती है और हमारे अंदर भी प्रसन्नता का संचार होता है

Gratitude या आभार एक क़र्ज़ है आप कुछ और दे या न दें धन्यवाद ज़रूर करें ये एक बैलेंस बनाये रखता है लेन देन का ..आपने जन्म लिया है आप जिंदा हैं आप साँस ले रहे हैं तो आप का फ़र्ज़ बनता है कि आप आभार व्यक्त करें(Personality Development in Hindi )

Gratitude के फायदे (Power of Gratitude)

1. Greatful होने से आपको ख़ुशी मिलती है आप दूसरों को भी ख़ुशी बांटते हैं सोचिये कि आप कहीं बाहर हैं और आपको एक बच्चा आता है वो आपसे खाना मांगता है और आप उसको खाना खिला देते हो खाना खाने के बाद वो आपको धन्यवाद् स्वरुप दुआएं दे जाता है तो आपको कितनी ख़ुशी होगी

2.Negativity दूर होती है आपके अंदर positive energy आती है जब हम thank ful होते हैं तो ख़ुशी के साथ साथ हमारे अन्दर बहुत positivity आती है

3. हमारे अंदर विनम्रता आती है …जब आपका attitude greatful होता है तो आपका अहंकार ,घमंड सब दूर हो जाता है और आप विनम्र हो जाते है

4.Gratitude feel करने से आपके सभी मानसिक विकार और परेशानियाँ दूर हो जाती हैं क्योंकि जब भी आप खुश होते हैं तो सारा stress और tension दूर हो जाता है

5.आप स्वस्थ रहते हो ..इस attitude का सबसे बड़ा फायदा ये है कि blood pressure , heart सब नार्मल रहता है क्योंकि ये attitude आपको पूरी तरह से stressfree रखता है और stressfree होने का मतलब disease free

जब आपका attitude, ग्रात्तितुदे में बदल जाता है तो आपको इस पुरे ब्रह्मांड में अपनी हैसियत पाता चलती है आप महसूस करने लगते हैं कि जिन बातों के लिए आप को गर्व या घमंड था उनमें आपका कोई योगदान था ही नही

Gratitude story in hindi

एक मालिक के यहाँ एक नौकर काम करता है। एक दिन नौकर काम पर नही आता , उस नौकर का मालिक समझता है कि नौकर नाराज़ हो गया है ऐसा सोचकर मालिक अपने नौकर की तनख्वाह बढ़ा देता है। नौकर जब काम पर आता है तो अपनी बढ़ी हुई तनख्वाह देखकर वह न तो खुद को खुश ही दिखता है न ही मालिक से कुछ कहता है। वह तो रोज़मर्रा के काम करता रहता है। Power of Gratitude

power of gratitude

कुछ दिन बाद नौकर फिर अपने काम से छुट्टी मार लेता है ।इस बार मालिक को गुस्सा आ जाता है उसे लगता है कि उसका नौकर लापरवाह है और वह जानबूझकर काम से बचने के लिए छुट्टी लेता है और ऐसा सोचते हुए वह अपने नौकर कि बधाई हुई तनख्वाह कम कर देता है।

नौकर जब काम पर वापस आता है तो उसे पाता चलता है कि उसकी तनख्वाह कम कर दी गयी है। लेकिन इस बार भी वह पहले कि तरह ही खामोश और शांत बना रहता है। अपने मालिक से अपनी तनख्वाह कम करने के लिए कोई शिकायत नही करता । ये देख कर उसके मालिक को बहुत आश्चर्य होता है । वह नौकर से कहता है कि तू बड़ा अजीब आदमी है जब तनख्वाह बढाई थी तू न तो तब खुश हुआ और अब जब मैं तेरी तनख्वाह कम कर दि तो भी तुझे मुझसे कोई शिकायत नही हुई ऐसा क्यों ?

ये सवाल सुन कर नौकर अपने मालिक से कहता है कि जब पहले मैं छुट्टी पर गया था। उस समय मेरे यहाँ बच्चा पैदा हुआ था। मेरी घर में एक सदस्य बढ़ गया था वापस आकार जब मैंने देखा कि तनख्वाह बढ़ गयी है तो मुझे लगा कि भगवान् ने बच्चे के पालन पोषण के लिए एक एक्स्ट्रा हिस्सा दिया है।(motivational article )

जब मैं दूसरी बार छुट्टी पर गया था तो मेरी माँ चल बसी थी ।मेरे घर का एक सदस्य कम हो गया था तो मुझे लगा कि भगवान ने जो अतिरिक्त हिस्सा बढाया था वो वापस ले लिया।

अब जो वस्तु भगवान ने ही दी थी और भगवान ने ही वापस ले ले ली तो उसके पाने पर ख़ुशी कैसी और उसके खोने पर दुःख कैसा , जब मेरी सारी परेशानियों का ठेका उपरवाले ने ही ले रखा है तो मुझे किस बात की चिंता होगी और क्यों होगी ।

तो friends हमारी तो जिंदगी भी खुद कि नही है। ये भी भगवान कि ही दि हुई है तो किस बात पर इतराना जब अपना कुछ भी है ही नही है इसलिए जब भी कर सको तब thanks कहिये भगवान को क्यों कि जो खो दिया वो आपकी नादानी थी और जो पाया वो उसकी मेहरबानी थी ..धन्यवाद…

read more

अपनी ज़िन्दगी के मालिक खुद बनें(Tips for cantrol your life)

विश्वास की ताकत को पहचानें Power of self belief

How To Get Success

खुद को ऐसे बनाएं बेहतर success tips in hindi

12 Rules to make success in 2024

Share On Social media!

Leave a Comment